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6 benefits of childhood life that will change your perspective

 बचपन जीने की Unique Technic


बचपन का क्या यह तो गुज़र जाता है। 

हमारा बचपन !

पल-पल बचपन की यादों का आना

दूसरों को मनाते-मनाते खुद से रूठ जाना 

1. दो तरह की जन्नतें


क्या आपको मालूम हैं? दो तरह की जन्नत होती हैं। एक जन्नत वो जो दुनिया से जाने के बाद मिलती है, और एक दुनिया में आने के बाद जी हां! दुनियां में आने के बाद जो जन्नत हमें मिलती है। उसे शब्दों में ब्यान नही किया जा सकता। कोई नही जो उसे Explain कर सके। शब्दों में जिसे ब्यान न किया जा सके वो है हमारा बचपन! यह एक ऐसी क़ीमती चीज़ है जो हम में से हर किसी को एक बार जरूर मिलती है। 

दोनों जन्नतें मिलती तो खुदा की तरफ से हैं लेकिन दोनों में फर्क यही है कि एक जन्नत का वादा हमेशा के लिए है। और दूसरी का वादा तो सभी के लिए है! मगर हमारा बचपन! जो मिलता तो है पर थोड़े वक़्त के लिए! मरने के बाद वाली जन्नत किस किसको मिलेगी इसकी कोई गारंटी नही है। पर बचपन सभी को मिलता है फिर आप चाहे इसको कैसे गुज़ारें।

2. बचपन को ख़ास बनाने की वजह?


कुछ चीज़ें जो हमें अपने बचपन से सीखने को मिलती हैं। अगर आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि सिर्फ एक बच्चा ही है जो ज़्यादा positive सोच सकता है। क्योंकि बड़े होने पर यह सोच कम होने लगती है और आप एक negativity की दुनियां में चले जाते हैं। आपको समझना चाहिए की Negative thinking आपको सिर्फ अन्धकार की तरफ ले जाती है। 

Childhood हमें सिखाता है भरोसा करना एक दुसरे पर जिसे बड़े होकर हम पीछे छोड़ जाते हैं। भरोसा करना तो दूर हम किसी की मदद के लिए तैयार तक नही होते हैं। जब आप positive thinking को पीछे छोड़ जाते हैं तो यक़ीन मानिये आपका future कितना अच्छा होगा कहा नही जा सकता! ज़्यादातर Case में future बर्बाद होते ही देखा गया है। मैंने positive thinking और negative thinking पर एक पूरा पोस्ट लिखा हुआ आप यहां से पढ़ सकते हैं👇

3. वक़्त की हवा में सब निगल लेती है! 


बारिश का मौसम हो चला था सोचा थोड़ा अपने-अपने बचपन पर भी नज़र डाल लेते हैं। दर-असल हक़ीक़त यह है कि बचपन में हम कितने खुश होते हैं,जब किसी चीज़ का शोक हो जाता है तो उसकी ज़िद तो पक्की समझो। 

कभी-कभी हमारी ज़िद कोई फायदा नही दे पाती क्योंकि वह पूरी ही नही हो पाती हम सोचते रहते हैं कि जब बड़ा हो जाऊंगा तो अपने इस शौक को पूरा करूंगा मगर बड़े होते-होते यह सब वक़्त की हवा में कहीं खो जाता है।

आता है याद मुझको वह गुज़रा ज़माना ।


वह बाग की बहारें,वह सबका चहचहाना।


4. दूर गयी चीज़ की Value का अहसास?

Value of Childhood

 हमारा क़ीमती बचपन कैसे गुज़र जाता है पता ही नही चलता। इंसान बचपन में क्या होता है और बड़ा होकर क्या हो जाए किसी को नही पता होता।। America के  राष्ट्रपति को कहां पता होता है कि वह बड़ा होकर दुनिया का सबसे शक्तिशाली नेता बनेगा। यह सब वक़्त का खेल है। वक़्त की क़द्र कीजिए, वक़्त हमें एहसास दिलाता है कि दूर गई हुई चीज़ की क्या क़ीमत होती है। हम किसी चीज़ को उस वक़्त याद करते हैं जब वो हमसे काफी दूर चली जाती है। हां जब हमसे कोई चीज़ कोई महबूब चीज़ दूर चली जाती है, उठिये अभी से उस चीज़ को समझने की कोशिश कीजिए जो अगर आपसे दूर चली जाए तो सोचिये आप पर क्या बीते।

5. जो अभी भी बचपन जी रहे हैं?


क्यों इंसान को वक़्त से आगेे रहना चाहिये! आपको चाहिए कि आप पीछे मुड़कर अपने Past पर नज़र डालिये! देखिये कैसे सबकुछ साफ-साफ लिखा है,कि कैसे किसी इंसान को बचपन मिला और वक़्त की हवा ने उसको कहीं दफना दिया। वक़्त कोई अच्छा बुरा नही होता! मगर यह वक़्त की बात है कि इंसान अक्सर वक़्त से संभल नही पाता। अगर आप अभी भी बचपन जी रहे हैं तो आप अभी भी दुनियां के सबसे खुशकिस्मत इंसान हैं। 


6. बचपन दुबारा जिया जा सकता है?


 जमैं छोटा था तो खुद को दुनिया का सबसे खास और बेहतर बच्चा समझता था। लेकिन यह सब बातें अब! बचपन की यादों के साथ कहीं गुम हो गई हैं। कोशिश भी नही कर सकता क्योंकि इसे दुबारा हासिल नही किया जा सकता। मुझे लगता है दुनिया का हर इंसान बचपन को कहीं न कहीं पसंद ज़रूर करता है । पर आज भी हम बचपन जीने का अहसास कर सकते हैं👇

ज़िन्दगी का सबसे हसीन पल आपका बचपन होता है
और इसे जीने का दूसरा मौक़ा कभी नही मिलता
 पर हम आज भी इसे जी सकते हैं
जो बच्चे हैं उनसे सीखकर की कैसे
एक बच्चे को कभी भी किसी के बारे में Negativity का ख्याल तक नही आता
 और हम हैं कि Negativity हमारा पीछा नही छोड़ती
जिस दिन आप ज़्यादा Positive सोचने पर ध्यान देने लगोगे
समझ लेना की आप सच में बचपन जी रहे हैं


शुक्रिया!!


By Rao!!! Plz comment and Share If you like this

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